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Islamic jankari

Monday, 18 March 2019

March 18, 2019

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन ||गोवा में 18 से 24 मार्च तक 7 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन ||गोवा में 18 से 24 मार्च तक 7 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया
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अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्लाहि बरकातहू आज हम मशहूर शख्सियत की बात करेंगे जी हां शायद आप सभी जानते हैं वह कोई और नहीं वह की मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर है आज हर रास्ते पर न्यूज़पेपर टीवी रेडियो सोशल मीडिया हर जगह गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का बात चल रही है और पूरे देश शोक में डूबा हुआ है क्योंकि मनोहर पारिकर एक बहुत ही सीधे-साधे और अच्छे इंसान थे जिनका कर 17 मार्च 2019 को निधन हो गया पूरी जानकारी के लिए पोस्ट को पूरा पढ़ें !
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गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हो चुकाhai


गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हो चुकाhai canser से लंबी लड़ाई के बाद 63 साल की उम्र में पूर्व रक्षा मंत्री ने अंतिम सांस ली मनोहर पर्रिकर लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. वह पैनक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे. राष्‍ट्रपति ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी.

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताने के लिए सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी. मंत्रिमंडल की विशेष बैठक सुबह 10 बजे होगी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पर्रिकर की याद में दो मिनट का मौन रखा जाएगा और जन प्रतिनिधि के रूप में उनके योगदान की प्रशंसा में एक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा. जब भी किसी राजनीतिक दल के वरिष्ठ नेता या मंत्री का निधन होता है तो केंद्रीय मंत्रिमंडल निधन पर शोक जताने के लिए बैठक करता है!
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन ||गोवा में 18 से 24 मार्च तक 7 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया
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मनोहर पर्रिकर काफी समय से बीमार चल रहे थे



गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर काफी समय से बीमार चल रहे थे. वहीं अब उनकी निधन के खबर के बाद सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक नेता उनके आवास डोना पौला पहुंचने शुरू हो गए हैं.

मुख्यमंत्री के निजी आवास पर सबसे पहले पहुंचने वालों में राज्य के पुलिस महानिदेशक प्रणब नंदा हैं. उनके घर के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है. पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर के स्वास्थ्य में पिछले एक साल से उतार-चढ़ाव होता रहा है. बीते दो दिन से उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी.


जन्म दिनांक: 13 दिसंबर 1955

मृत्यु 17 मार्च 2019 



मनोहर पर्रिकर का जन्म मापुसा में गोपालकृष्णा और राधाबाई के घर हुआ था. इनका पूरा नाम मनोहर गोपालकृष्णा प्रभू पर्रिकर था. पर्रिकर का एक और भाई अवधूत पर्रिकर भी है. पर्रिकर ने शुरुआती पढ़ाई मार्गो के स्कूल से की. सैकंड्री हायर एजूकेशन मराठी मीडियम में की.
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1978 में बॉम्बे IIT से metallurgical इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हुए. आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के दौरान ही मनोहर पर्रिकर ने यह तय किया था कि वे मशीनों के बीच उलझने के बजाए सामाजिक क्षेत्र में काम करेंगे.


एक तरफ सोशल मीडिया पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आम आदमी की तरह जनता के बीच मशहूर हो रहे थे। वहीं, दूसरी तरफ सादगी की असली मिसाल स्वयं मनोहर पर्रिकर ही थे। गोवा के सीएम होने के बावजूद कई साल तक उन्होंने सीएम हाउस का इस्तेमाल नहीं किया था। वे अपने ही घर में रहते थे। पर्रिकर का पूरा राजनीतिक जीवन बेदाग छवि और ईमानदार नेता की रही है।





1981 में मेधा पर्रिकर से शादी की


साल 1981 में मेधा पर्रिकर से शादी की. पर्रिकर के दो बेटे हुए. एक उत्पल और दूसरा अभिजात पर्रिकर. उत्पल ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में यूएस की Michigan स्टेट यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की है और अभिजात बिजनेसमैन हैं.

गौरतलब है कि गोवा में कांग्रेस में विभाजन के बाद अक्तूबर 2000 में जब पहली बार राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बना तो कमान सादगीपसंद और टेक्नोक्रेट मनोहर पर्रिकर को सौंपी गई। तब से लेकर अंतिम सांसों तक पर्रिकर दो दशक तक सियासत में छाये रहे। मनोहर पर्रिकर की गोवा में ही नहीं पूरे देश में छवि एक सीधे सादे, सौम्य और मृदुभाषी शख्स की रही, लेकिन सर्जिकल हमले ने दिखाया कि वे देशहित में वह कठोर फैसलों से भी नहीं हिचकते।

राजनीति में प्रतिद्वंद्वी भी उनकी बेदाग छवि के कायल रहे। 63 वर्षीय पर्रिकर ने चार बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री के तौर पर तीन वर्ष सेवाएं दीं।

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 हर अखबार न्यूज़ चैनल्स वीडियो सोशल मीडिया पर गोवााा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन की ख़बरें जोर शोर से बनी जा रहे हैं और देखी जा रही है!


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया. उन्होंने ट्वीट किया, "मनोहर पर्रिकर एक अद्वितीय नेता थे. एक सच्चे देशभक्त और असाधारण प्रशासक, वह सभी की प्रशंसा करते the देश के प्रति उनकी त्रुटिहीन सेवा को पीढ़ियों द्वारा याद किया जाएगा!

सभी परिवार के सदस्यों और उनके समर्थकों के प्रति संवेदना सभी को गहरा दुख पहुंचा उनके निधन पर


विधानसभा के लिए करते थे स्कूटर का इस्तेमाल


मनोहर पर्रिकर के व्यक्तित्व का हर कोई मुरीद था। गोवा के सीएम रहते हुए पर्रिकर कई बार विधानसभा जाते समय सरकारी गाड़ी को छोड़कर स्कूटर का इस्तेमाल करते थे। इसके साथ ही वो बिना सुरक्षा के किसी भी टी स्टॉल पर खड़े होकर चाय पीते भी नजर आ जाते थे।

मनोहर पर्रिकर की यह आदतें गोवा के लोगों के लिए एक आम बात थी। उनकी इसी बेदाग छवि के कारण ही पीएम मोदी ने उन्हें रक्षा मंत्री बनाया था। पर्रिकर नवंबर 2014 से 13 मार्च 2017 तक केंद्रीय रक्षामंत्री रहे थे।


बेटी की शादी में सादा कपड़े देखकर दंग रहे गए थे सभी


मनोहर पर्रिकर बेहद सादा व्यक्ति थे, ये बात उनके कपड़े देखकर ही पता चलती थी। वो आमतौर पर शर्ट-पैंट में नजर आते थे। जब तक किसी बड़ी ऑफिशियल मीटिंग में न जाना हो, वो साधारण कपड़े पहनना ही पसंद करते थे। उस समय लोग की उनकी सादगी देखकर दंग रह गए थे।

इतना ही नहीं, बेटे की शादी में भी वो हाफ शर्ट, साधारण पैंट और सैंडिल पहने नजर आए थे। वहीं, पर्रिकर को 16 से 18 घंटे काम करने की आदत थी
राजनेता होकर भी बेहद इमोशनल इंसान थे। मार्च 2012 में पर्यटन मंत्री मातनही सलदन्हा के निधन पर उन्हें फूट-फूट कर रोते देखा गया था।

मनोहर पर्रिकर फ्लाइट में हमेशा ही इकोनॉमी क्लास में ट्रेवल करते थे। वो मोबाइल और टेलीफोन के बिल का भुगतान अपनी जेब से करते थे। उन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बेझिझक इस्तेमाल करते देखा जाता था।

मनोहर पर्रिकर को पैंक्रियाटिक कैंसर Tha इलाज के लिए गए थे अमेरिका

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गोवा अस्पताल के सूत्रों के मुताबित उनके पैंक्रियाज में एडवांस्ड स्टेज के कैंसर होने का पता चला था उन्हें जब लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो वहां उनकी पहले चरण की कीमियोथेरेपी भी हुई थी

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बारे में बताया जा रहा है कि वह एडवांस्ड स्टेज के पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे हैं. जिसका इलाज करवाने के लिए वह अमेरिका गए थे मुंबई के लीलावती अस्पताल और गोवा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के सूत्रों ने पर्रिकर को कैंसर होने की पुष्टि की थी. बता दें कि 15 फरवरी से इन्हीं दोनों अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था!

गोवा अस्पताल के सूत्रों के मुताबित उनके पैंक्रियाज में एडवांस्ड स्टेज के कैंसर होने का पता चला था उन्हें जब लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो वहां उनकी पहले चरण की कीमियोथेरेपी भी हुई. 18 फरवरी को कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि मुख्यमंत्री पैंक्रियाटिक कैंसर के एडवांस स्टेज 4 से जूझ रहे हैं. हालांकि इससे पहले अस्पताल ने इनकार किया था.

लीलावती अस्पताल ने एक बयान में कहा था कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर मीडिया में अफवाह फैलाई गई है. हम निस्संदेह ऐसी सारी अफवाहों को नकारते हैं. हम दोहराना चाहते हैं कि गोवा के मुख्यमंत्री का इलाज किया जा रहा है और वह इलाज के बाद अच्छा महसूस कर रहे हैं. पर्रिकर मंगलवार को लीलावती अस्पताल में जांच के बाद इलाज के लिए मुंबई से अमेरिका रवाना हो गए!

इससे पहले तबीयत बिगड़ने पर सोमवार को उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गोवा छोड़ने से पहले उन्होंने कैबिनेट सलाहकार समिति का गठन किया जो उनकी अनुपस्थिति में राज्य के कामकाज के लिए निर्णय लेगी. उन्होंने इलाज के लिए जाने से पहले एक वीडियो संदेश भी दिया, जिसमें उन्होंने लोगों से कहा कि वे उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करें!

गौरतलब है कि पर्रिकर ने 14 फरवरी को पेट में दर्द की शिकायत की थी. जिसके बाद उन्हें राज्य के जीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया था. जहां से उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल भेजा गया. शुरुआत में बताया गया था कि उन्हें 'फूड प्वाइजनिंग' की शिकायत हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 फरवरी को उनसे मिलने अस्पताल गए थे. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य मंत्रियों ने भी उनसे मुलाकात कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी!


22 फरवरी को पेश किया बजट

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मनोहर पर्रिकर के स्वास्थ्य के संबंध में राहत की खबर तब सामने आई जब वह 22 फरवरी को वार्षिक बजट पेश करने राज्य लौटे. लेकिन 25 फरवरी को फिर से जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उनके स्वास्थ्य के संबंध में कई कयास लगाए जाने लगे. अधिकारियों ने दावा किया था कि उन्हें 'पानी की कमी और निम्न रक्त चाप' की समस्या की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया.

मनोहर पर्रिकर के निधन पर 18 मार्च को राष्‍ट्रीय शोक की घोषणा


 मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के निधन पर केंद्र सरकार ने 18 मार्च को राष्‍ट्रीय शोक की घोषणा की. केंद्र सरकार की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि मनोहर पर्रिकर का राजकीय सम्‍मान के साथ अंतिम संस्‍कार किया जाएगा. बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सबसे पहले ट्वीट कर मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के निधन की पुष्टि की. राष्ट्रपति ने ट्वीट कर मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar Dies) के निधन पर दुख जताया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया, 'गोवा के मुख्यमंत्री  मनोहर पर्रिकर के निधन से बहुत दुख पहुंचा. वे ईमानदारी और समर्पण के प्रतीक थे. भारत और गोवा के लोगों के लिए उनके काम को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) मार्च 2017 में रक्षा मंत्री का पद छोड़कर चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री (Goa CM) बने थे.

मिस्टर क्लीन


गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन ||गोवा में 18 से 24 मार्च तक 7 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया
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भारतीय राजनीति में मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) की पहचान 'मिस्टर क्लीन' के रूप में होती है. मनोहर पर्रिकर ने 1978 में IIT मुंबई से ग्रेजुएशन किया. मनोहर पर्रिकर भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने IIT ग्रेजुएशन किया था.


मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में 18 से 24 मार्च तक 7 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया. इस दौरान पूरे गोवा में राष्ट्रीयध्वज आधा झुका रहेगा.


 आज शाम 5 बजे गोवा के CM मनोहर पर्रिकर का अंतिम संस्कार किया जाएगा. इससे पहले सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे तक पणजी के बीजेपी ऑफिस में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा.

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गोवा के मुख्‍यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर केंद्र सरकार ने 18 मार्च को राष्‍ट्रीय शोक की घोषणा की. राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया. उन्होंने कहा कि गोवा के लिए उन्होंने केवल सपना नहीं देखा, बल्कि उसे साकार करके भी दिखाया. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मनोहर पर्रिकर ने आज पूरे देश को रुलाया.

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया,
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'मेरी संवेदनाएं मनोहर पर्रिकर के परिवार के साथ हैं. मैं उनसे एक ही बार मिली हूं, जब वे दो साल पहले बहुत ही शालीनता के साथ मेरी मां से मिलने अस्पताल आए थे...उनकी आत्मा को शांति मिले.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, 'गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन से शोकाकुल हूं. मेरी गहरी संवेदनाएं उनके परिजन के साथ हैं... ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.'

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया. उन्होंने ट्वीट किया, 'मनोहर पर्रिकर जी के निधन से बहुत दुख पहुंचा है...राष्ट्र ने एक सच्चे देशभक्त को खो दिया है, जिसकी पूरी ज़िंदगी देश और विचारधारा के लिए समर्पित थी...जनता और फ़र्ज़ के लिए उनका समर्पण अनुकरणीय था.


कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया. उन्होंने ट्वीट किया, 'गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन की सूचना से बहुत दुखी हूं. उनका स्वभाव मित्रवत था और सभी उनका सम्मान करते थे. मेरी संवेदनाएं उनके परिजन और मित्रों के साथ है!

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भी ट्वीट कर मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताया. उन्होंने ट्वीट किया, मनोहर पर्रिकर के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. मनोहर पर्रिकर लंबे समय से अग्नाशय कैंसर से लड़ रहे थे. वह गोवा के फेवरेट बेटे थे.



राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया, 'गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के निधन से बहुत दुख पहुंचा. वे ईमानदारी और समर्पण के प्रतीक थे. भारत और गोवा के लोगों के लिए उनके काम को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मनोहर पर्रिकर ने निधन पर दुख जता

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का लंबी बीमारी के बाद 63 साल की उम्र में निधन. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मनोहर पर्रिकर ने निधन पर दुख जताया.


केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मनोहर पर्रिकर के निधन के काफी दुखी हूं.

केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मनोहर पर्रिकर के निधन के काफी दुखी हूं. आज हमलोगों ने एक महान इंसान को खोया है. भगवान उनकी आत्मा को शांति देगा. आने वाले दिनों में हमसब उन्हीं के दिखाए रास्तों पर चलने की कोशिश करेंगे.

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, 'लंबे वक्त से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर जी का जाना दुखद! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति एवं परिवार को शक्ति दे. राजनीतिक जीवन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा. शत् शत् नमन

जब बीमारी में बजट पेश करते हुए पर्रिकर बोले थे- मैं जोश में भी हूं और होश में भी हूं

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की शख्सियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बेहद बीमार होने के बाद भी वे गोवा की विधानसभा में 2019-20 का बजट पेश करने आए थे।  

इस दौरान उन्होंने बेहद आत्मविश्वास से कहा था, 'मैं जोश में भी हूं और होश में भी हूं।' उनके इस जोश को पूरे देश ने सराहा था। नाक पर पाइप लगी और दो लोगों के सहारे से विधानसभा में बजट पेश करने जब पर्रिकर पहुंचे तो सत्ता पक्ष ही नहीं विपक्ष ने भी खड़े होकर उनका अभिवादन किया था।

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बजट पेश करने के दौरान उन्होंने कहा था कि आज एक बार फिर से वादा करता हूं कि मैं अपनी अंतिम सांस तक ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ गोवा की सेवा करूंगा। 
राजकीय सम्मान के साथ विदा होंगे मनोहर पर्रिकर, आधा झुकेगा तिरंगा

गोवा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनके अंतिम संस्कारों के वक़्त और जगह की जानकारी ट्विटर पर दी है.

जानकारी के मुताबिक़:

18 मार्च सोमवार को सुबह 9:30 - 10 बजे तक पर्रिकर का पार्थिव शरीर गोवा की राजधानी पणजी में बीजेपी मुख्यालय में रहेगा.

सुबह 10:30 बजे उनके शरीर को पणजी के कला अकादमी ले जाया जाएगा.

सुबह 10:30 से शाम 4 बजे तक पर्रिकर के पार्थिव शरीर को आम लोगों के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए रखा जाएगा.

शाम 4 बजे श्री पर्रिकर की अंतिम यात्रा पणजी के मीरामार में होगी.

शाम 4:30 बजे से अंतिम संस्कार की विधि शुरू होगी.

शाम 5 बजे होगा अंतिम संस्कार

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ पर्रिकर के निधन के बाद उनके सम्मान के तौर पर सोमवार को होने वाली बीजेपी ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक समेत अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं.

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में कहा,

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में कहा, "मनोहर पर्रिकर जी के देहांत का समाचार सुनकर बहुत दुःख हुआ. हालांकि वो बहुत समय से बीमार थे तो भी मन इसके लिए तैयार नहीं था कि वह हमें इतनी जल्दी छोड़ जाएंगे. मेरे लिए तो वो भाई की तरह थे इसलिए उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है."

बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लिखा

बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लिखा, "गोवा के मुख्यमंत्री व पूर्व रक्षा मंत्री श्री मनोहर परिकर के निधन की खबर अति दुखःद है. वो काफ़ी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे. श्री परिकर बहुत लम्बे समय से राजनीति में सक्रिय रहे तथा चार बार गोवा के मुख्यमंत्री बने. उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना.

नेताओं के अलावा बॉलीवुड हस्तियों और खिलाड़ियों समेत आम लोग भी भावुक होकर मनोहर पर्रिकर को याद कर रहे हैं!


इतने बीमार होने के बावजूद भी मनोहर पर्रिकर ने अपने काम पर पूरा पूरा ध्यान दिया और पूर्ण निरीक्षण के लिए भी गए जो उन्होंने किया वह करना हर किसी के बस की बात नहीं कि आंतरिक खतरनाक बीमारी है उसे पीड़ित होने के बावजूद भी मनोहर परिकर अपने काम पर अपने देश के काम पर ध्यान देते रहे खुद जाकर जॉर्ज विकी की जांच भी की जो एक आम इंसान के बस की बात नहीं वह एक महान नेता थे जो लाखों में एक होते हैं इस करप्शन के दौर में ऐसे लोग होना बड़ा ही मुश्किल है बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि वह हमारे बीच नहीं रहे!

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Sunday, 10 March 2019

March 10, 2019

Meaning of Allahu akbar ||meaning of Azan in hindi

Meaning of Allahu akbar ||meaning of Azan in hindi
Meaning of Allahu akbar ||meaning of Azan in hindi

   

आज़ान का मतलब  और अर्थ

अज़ान उर्दू: أَذَان) या अदान।अल्लाह तबारक व ताला के घर में बुलाने का या पुकारने का एक तरीका है अजान होने पर सभी लोग समझ जाते हैं कि अब नमाज का वक्त हो गया है और नमाज पढ़ने के लिए हमें मस्जिद में जाना होगा(उर्दू: أَذَان) या अदान। इस्लाम में मुस्लिम समुदाय अपने दिन भर की पांचों नमाज़ों के लिए बुलाने के लिए ऊँचे स्वर में जो शब्द कहे जाते हैं, उन्हें अज़ान कहते हैं।


दिन में पांच बार मस्जिदों के लाउडीस्पीकर में दिया जाने वाला अज़ान
अज़ान इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है , हर मुस्लिम के लिए नमाज़ पढना जरुरी है।

"नारे के रूप में इसे "नारा ए तकबीर" भी कहा जाता है।


"नारा ए तकबीर" अल्लाह हू अकबर 


अजान देने वाले को 'मुअज्जिन' कहते हैं। मुअज्जिन नियमित रूप से दिन में पाँच वक्त अजान देता है और (दिनचर्या में व्यस्त अपने कामों में लगे हुए लोगो को भले काम के लिए बुलाता है। अजान देने वाला व्यक्ति वुजू करके पाक होकर अजान देता है ताकि सीना ठीक से फैल जाए और अजान के शब्द साफ (शुद्ध )रूप से निकले।

अज़ान सूना कर लोगों को मस्जिद की तरफ़ बुलाने वाले को मुअज्ज़िन कहते हैं।

Meaning of Allahu akbar ||meaning of Azan in hindi


आज़ान का मतलब


अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर #
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर#

अल्लाह सब से बढ़ा है


अश-हदू अल्ला-इलाहा इल्लल्लाह
अश-हदू अल्ला-इलाहा इल्लल्लाह


मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवा कोई दूसरा इबादत के काबिल नहीं


अश-हदू अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह
अश-हदू अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह


मैं गवाही देता हूं कि मुहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम अल्लाह के आखरी पैगम्बर/रसूल हैं


ह्या 'अलास्सलाह, ह्या 'अलास्सलाह


आओ नमाज़ की तरफ


हया 'अलल फलाह, हया 'अलल फलाह


आओ कामयाबी (सफलता )की तरफ


अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम
अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम


नींद से बेहतर नमाज़ है


अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर


अल्लाह सब से बढ़ा (महान) है


ला-इलाहा इल्लल्लाह


अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं !

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Muhammad||muhummad s.a.w ke naam Hindi or arbi me||99 name of mumhummad s.a.w


मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम के जमाने में जब मदीना तैयबा मैं नमाज़ बाजमात अदा करने के लिए मस्जिद बनाई गई तो जरूरत महसूस हुई कि लोगों को जमात (इकटठे नमाज पढने) का वक्त( समय )करीब होने
की सूचना देने का कोई तरीका तय किया जाए। रसूलुल्‍लाह अल्लाह ताला अलेही वसल्लम ने जब इस बारे में अपने साथियों यानी  इकराम (मुहम्मद साहिब के अनुयायी) से परामर्श किया तो इस बारे में चार प्रस्ताव सामने आए!


1_प्रार्थना के समय कोई झंडा बुलंद किया।

2_किसी उच्च स्थान पर आग जला दी जाए।

3_यहूदियों की तरह बिगुल बजाया जाए।

4_ईसाइयों की तरह घंटियाँ बजाई जाए।


उपरोक्त सभी प्रस्ताव मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम को गैर मुस्लिमों से मिलते जुलते होने के कारण पसंद नहीं आए। इस समस्या में मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला वसल्लम और सहाबा इकराम फिकर मंद (चिंतित )थे कि उसी रात एक अंसारी सहाबी हज़रत अब्दुल्लाह बिन ज़ैद ने ख्वाब (स्वप्न )में देखा कि किसी ने उन्हें अज़ान और इक़ामत के शब्द सिखाए हैं। उन्होंने सुबह सवेरे मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम के पास जाकर अपने ख्वाब के बारे में मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम को बताया Muhammad Sallallahu Tala Al Salem उनकी बात से बहुत खुश हुए और उनका ख्वाब को अल्लाह ताला के तरफ से भेजा हुआ पैगम यानी (संदेश )बताया

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मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम ने हज़रत अब्दुल्लाह बिन ज़ैद से कहा कि तुम हज़रत बिलाल को अज़ान इन शब्‍दों में पढने की हिदायत कर दो, उनकी आवाज़ बुलंद है इसलिए वह हर नमाज़ के लिए इसी तरह अज़ान दिया करेंगे। इसलिए उसी दिन से आज़ान देने की शुरुआत (प्रणाली स्थापित )हुई और इस तरह हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु इस्लाम के पहले अज़ान देने वाले के रूप में प्रसिद्ध हुए।

Meaning of Allahu Akbar 

Meaning of Allahu akbar ||meaning of Azan in hindi
Meaning of Allahu akbar ||meaning of Azan in hindi



अल्लाहु अकबर

अल्लाह सब से बढ़ा है

Allah is the Greatest of all


नमाज पांच वक्त पढ़ी जाती है


1_फज्र की नमाज़

2_जोहर की नमाज

3_असर की नमाज

4_मगरिब की नमाज

5_ईशा की  नमाज

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Allah ||Allah kon hai


फज्र की नमाज़ सूरज निकलने से पहले जोहर की नमाज दोपहर के वक्त असर की नमाज़ शाम के वक्त मगरिब की नमाज सूरज डूबने के बाद और ईशा की नमाज सूरज डूबने के 2 घंटे बाद अदा की जाती है यह पांचों नमो से हर मुसलमान औरत और मर्द पर फर्ज है इसको छोड़ना गुनाह है किसी भी हाल में नमाज़ छोड़ने की माफी नहीं है चाहे आप कितने भी बीमार हूं किसी भी हाल में हो आपको नमाज अदा करने का हक दिया गया है यहां तक कि अगर आप समंदर में डूब रहे हो और आपकी गर्दन नजर आ रही हो तो भी आप को इशारों से नमाज अदा करना होगी नमाज का वक्त हो गया हो तो मुसलमान तभी मुकम्मल होता है जब मुसलमान नमाज पढ़ता है!


मुसलमान के ऊपर पांच अरकान फर्ज है जिसमें नमाज तौहीद यानी कलीमा पढ़ने के बाद सबसे पहले आती है वह


1_ तौहीद

2_ नमाज

3_रोजा

4_ जकात


5_ हज

Friday, 8 March 2019

March 08, 2019

विश्व कप 2019||पूरा शेड्यूल देखिए ||विश्व कप 2019 इस दिग्गज की हुई वापसी

विश्व कप 2019: पूरा शेड्यूल देखिए विश्व कप 2019 इस दिग्गज की हुई वापसी

विश्व कप 2019||पूरा शेड्यूल देखिए ||विश्व कप 2019 इस दिग्गज की हुई वापसी
विश्व कप 2019||पूरा शेड्यूल देखिए ||विश्व कप 2019 इस दिग्गज की हुई वापसी


विश्व कप 2019 आईसीसी ने जारी किया पूरा शेड्यूल, जानिए कब, कहां और किस टीम से भारत की भिड़ंत होगी!

अस्सलाम अलेकुम वारहमतुल्लाही बनाना कार्टून आज हम विश्व कब क्रिकेट 2019 का पूरा कार्यक्रम जानेंगे जो आईसीसी ने जारी किया है!
आईसीसी ने विश्व कप क्रिकेट -2019 का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार टूर्नामेंट में कुल 48 मैच खेले जाएंगे और भारतीय टीम अपने अभियान की शुरूआत 5 जून को दक्षिण अफ्रीका के साथ मैच खेलकर करेगी। 14 जुलाई, 2019 को इस टूर्नामेंट का फाइनल ऐतिहासिक लॉर्ड्स में खेला जाएगा।


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World Cup 2019

नई दिल्ली(World Cup 2019)अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 2019 में इग्लैंड में होने वाले विश्व कप क्रिकेट का पूरा कार्यक्रम आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है।  50 ओवरों के इस क्रिकेट में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम 5 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साउथेम्प्टन से अपने अभियान की शुरूआत करेगी और कुल नौ मैच खेलेगी। अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भारत का सामना 16 जून को होगा और यह मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जाएगा। पाकिस्तान अभी तक विश्व कप के मुकाबलों में भारत से एक भी मैच नहीं जीत सका है।


भारतीय टीम को पहले अपने दौरे की शुरूआत 2 जून को करनी थी लेकिन बाद में बीसीसीआई के अनुरोध पर आईसीसी ने इसे आगे बढ़ा दिया। इलरी वजह यह है कि बीसीसीआई को लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुरूप आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैचों के दरम्यान 15 दिन का अनिवार्य अंतर रखना है। इस बार का विश्व कप राउंड रॉबिन आधार पर खेला जाएगा। 45 दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 48 मैच खेले जाएंगे। भारत अपने अपने 9 राउंड रॉबिन लीग के मैच 6 अलग- अलग जगहों पर खेलेगा।

(भारतीय टीम का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है)


5 जून, 2019: दक्षिण अफ्रीका (साउथेम्प्टन)

9 जून, 2019: ऑस्ट्रेलिया (ओवल)

13 जून, 2019: न्यूजीलैंड (नॉटिंघम)

16 जून, 2019: पाकिस्तान (मैनचेस्टर)

22 जून, 2019: अफगानिस्तान (साउथेम्प्टन)

27 जून, 2019: वेस्ट इंडीज (मैनचेस्टर)

30 जून, 2019: इंग्लैंड (बर्मिंघम)

2 जुलाई, 2019: बांग्लादेश (बर्मिंघम)

6 जुलाई, 2019: श्रीलंका (लीड्स)

9 जुलाई, 2019: पहला सेमीफाइनल (ओल्ड ट्रैर्फड)

11 जुलाई, 2019: दूसरा सेमीफाइनल (एजबेस्टन)

14 जुलाई, 2019: फाइनल (लॉर्ड्स)

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भारत अभी तक दो बार इस खिताब को अपने नाम कर चुका है। 1983 में भारत ने फाईनल में वेस्टइंडीज को हराया था जबकि  2011 की में टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर खिताब पर कब्जा किया था। मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का पहला मुकाबला 1 जून को क्वॉलिफायर चैंपियन अफगानिस्तान के खिलाफ खेलेगा जो ब्रिस्टल में डे/नाइट मैच खेला जाएगा।


इस विश्व कप का फाइनल मैच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर और सेमीफाइनल मुकाबले ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट मैदान और एजबेस्टन क्रिकेट मैदान पर आयोजित किये जाएंगे। जबकि विश्व कप का पहला मुकाबला द ओवल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होगा।

कॉम्बिनेशन तैयार करने में जुटीं टीमें


वर्ल्ड कप शुरु होने में अभी काफी वक्त है लेकिन कोई भी टीम इसको लेकर बेफिक्र हो ऐसा तो बिल्कुल नहीं है। हर टीम अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है। टीम इंडिया को वर्ल्ड कप से पहले दो अहम सीरीज खेलनी हैं। पहली वेस्ट इंडीज और फिर आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ। वनडे के लिहाज से दोनों ही टीमें बेहतरीन और खतरनाक हैं। वेस्ट इंडीज भारत में सीरीज खेलेगी लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए भारत को वहां जाना होगा। और ये तय है कि ऑस्ट्रेलिया का दौरा आसान नहीं होगा। लेकिन, इसमें टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर चेक हो जाएगा जिस पर कई सवाल उठ रहे हैं।


1983 और 2011 की चैंपियन टीम इंडिया अपना पहला मैच 5 जून को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी। साल 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रोफी अपने नाम कर चुके भारत का यह मुकाबला साउथंप्टन में खेला जाएगा। चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भारत का मुकाबला मैनचेस्टर में 16 जून को खेला जाएगा।

मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का पहला मुकाबला 1 जून को क्वॉलिफायर चैंपियन अफगानिस्तान के खिलाफ खेलेगा जो ब्रिस्टल में डे/नाइट मैच खेला जाएगा। मौजूदा आईसीससी चैंपियंस ट्रोफी विजेता और पूर्व चैंपियन पाकिस्तान अपने अभियान की शुरुआत 2 बार की पूर्व चैंपियन टीम वेस्ट इंडीज के खिलाफ करेगा। विंडीज टीम मौजूदा आईसीसी वर्ल्ड टी20 चैंपियन है और उसका पाक के खिलाफ मैच 31 मई को ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा।

आईसीसी चैंपियंस ट्रोफी-2017 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ शिकस्त झेलने के 2 साल बाद भारत के पास क्रिकेट के बड़े मंच पर बदला चुकता करने का मौका रहेगा जब दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी 16 जून को आमने-सामने होंगे। साल 2015 की सेमी फाइनलिस्ट भारतीय टीम से इस बार प्रशंसकों को काफी उम्मीदें रहेंगी, जब विराट कोहली टीम का नेतृत्व करते नजर आएंगे।

विश्व कप 2019 के लिये भारतीय टीम घोषित, इस दिग्गज की हुई वापसी


वनडे विश्व कप 2019 शुरू होने में भी अब ज्यादा समय बचा नहीं है इस समय भारत ही नहीं बल्कि विश्व भर के सभी क्रिकेट प्रेमी आईपीएल शुरू होने को लेकर काफी उत्साहित हैं वनडे वर्ल्ड कप 2019 का आयोजन इंग्लैंड और वेल्स की सरजमीं पर किया जाएगा इस बार विश्व कप में कुुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी आपको बता दें कि रेंकिंग में टॉप 8 टीमों ने तो सीधे ही क्वालीफाइ कर लिया था लेकिन बाकि 2 टीमों का चयन आईसीसी ने विश्व कप क्वालीफायर के जरिये किया हैं।

ये है वर्ल्ड कप 2019 की सभी टीमों के नाम -भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, वेस्ट इंडीज, अफगानिस्तान विश्व कप में सभी 10 टीमों के बीच कुल 48 मैच खेले जाएंगे सेमीफाइनल और फाइनल को मिलाकर कुल 51 मैच खेले जायेंगे सभी मैच इंग्लैंड में खेले जायेंगे इस बार का विश्व कप का मेजबान इंग्लैंड कर रहा हैं।

वर्ल्ड कप में धोनी का खेलना तय - धोनी अपनी बढ़ती उम्र की वजह से बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं लेकिन विकेटकीपिंग के मामले में धोने का कोई भी सानी नहीं है महेंद्र सिंह धोनी अक्सर अपने बल्लेबाजी के प्रदर्शन की वजह से आलोक के निशाने पर आई जाते हैं लेकिन भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने धोनी का पक्ष लेते हुए कहा था कि धोनी की जगह वर्ल्ड कप तक कोई भी खिलाड़ी नहीं ले सकता है।

संभावित 16 सदस्यीय टीम - रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली(कप्तान), लोकेश राहुल, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना, युवराज सिंह, मनीष पांडे, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, यूज़वेन्द्र चहल, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, जयदेव उनादकट।

जिस तरह से गौतम गंभीर के पिछले सीजन गए हैं उनके अनुसार गौतम गंभीर की टीम इंडिया में वापसी मुश्किल की लग रही है वहीं सुरेश रैना और युवराज ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था इस वजह से उन्हें भारतीय टीम में उनके अनुभव के आधार पर शामिल किया जा सकता है।


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Wednesday, 6 March 2019

March 06, 2019

PM Narendra Modi in Gujarat||पुलवामा हमले को 'दुर्घटना' बताए जाने के बाद वह निशाने पर आ गए हैं. केंद्रीय मंत्री वीके सिंह


PM Narendra Modi in Gujarat||पुलवामा हमले को 'दुर्घटना' बताए जाने के बाद वह निशाने पर आ गए हैं. केंद्रीय मंत्री वीके सिंह
PM Narendra Modi in Gujarat||पुलवामा हमले को 'दुर्घटना' बताए जाने के बाद वह निशाने पर आ गए हैं. केंद्रीय मंत्री वीके सिंह 

PM Narendra Modi in Gujarat : पीएम नरेंद्र मोदी अभी गुजरात के दौरे पर hai Gujrat

Guitar के वस्त्रल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ कर 11,51,000 लाभार्थियों तक 13,58,31,918 रुपये की धनराशि सीधे पेंशन खातों में ट्रांसफर की.

अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह बरकातहू आज हम पीएम नरेंद्र मोदी की कुछ खास खबर पर बात करेंगे

नई दिल्ली: PM Narendra Modi in Gujarat : पीएम नरेंद्र मोदी अभी गुजरात के दौरे पर hai 

Gujratके वस्त्रल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ कर 11,51,000 लाभार्थियों तक 13,58,31,918 रुपये की धनराशि सीधे पेंशन खातों में ट्रांसफर की. इस दौरान पीए मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी एक ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं. आज के इस कार्यक्रम का होस्ट गुजरात है, लेकिन इस कार्यक्रम में इस समय पूरे देश से करीब दो करोड़ लोग तकनीक के माध्यम से शामिल हुए हैं. आज प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना यानी PMSYM आप सभी के लिए, देश के लगभग 42 करोड़ श्रमिकों, कामगारों की सेवा में समर्पित है. 

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Narendra Modi


उन्होंने आगे कहा कि देशभर के सभी कामगार साथी जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों-घरों के निर्माण में जुटे हैं, रेहड़ी-ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं, ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार साथियों को बहुत बधाई.

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे ऐहसास है कि देश के करोड़ों गरीबों के मन में ये सवाल रहता था कि जब तक हाथ-पैर चलते हैं, तब तक तो काम भी मिल पाएगा, थोड़ा बहुत पैसा भी मिलेगा, लेकिन जब शरीर कमजोर हो जाएगा तब क्या होगा ? उम्र के उस पड़ाव में, जब आय का कोई साधन न हो, तो वो समय बहुत पीड़ादायक होता है. यही पीड़ा मेरे मन मस्तिष्क में थी. उसी पीड़ा में से इस योजना ने जन्म लिया है- प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना योजना निम्न निम्नन वर्ग के लिए बहुुुुुुत फायदेमंद होने वाली है!


कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों के नाम पर वोट बटोरने वालों ने 55 साल तक देश में राज किया, लेकिन असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई योजना नहीं बनाई!



कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों के नाम पर वोट बटोरने वालों ने 55 साल तक देश में राज किया, लेकिन असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई योजना नहीं बनाई.  इस योजना का हिस्सा बनने के लिए श्रमिक साथियों को नजदीकी कॉमन सेंटर में जाकर फॉर्म भरना होगा. आपका काम सर्विस सेंटरों पर कुछ ही मिनटों में हो जाएगा. यही तो डिजिटल इंडिया का कमाल है.

पीएम मोदी ने कहा कि जिनके लिए गरीबी सिर्फ फोटो खिंचवाने का खेल होता है, जिसे कभी भूखे पेट सोने का दर्द नहीं पता उसके लिए गरीबी एक मानसिक अवस्था होती है. हमारे लिए तो गरीबी एक बहुत बड़ी चुनौती है. गरीबी से जूझने के लिए पूरा परिवार खप जाता है. कोई भी गरीब, वो चाहे अनपढ़ ही क्यों न हो, वो भी इस योजना से आसानी से जुड़ सकता है. ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18_40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं!

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उन्होंने आगे कहा कि इस योजना का हिस्सा बनने के लिए श्रमिक साथियों को नजदीकी कॉमन सेंटर में जाकर फॉर्म भरना होगा. आपका काम सर्विस सेंटरों पर कुछ ही मिनटों में हो जाएगा. यही तो डिजिटल इंडिया का कमाल है. 2014 से पहले देश में जहां लगभग 80 हजार कॉमन सर्विस सेंटर थें, वहीं अब हमारी सरकार में इनकी संख्या बढ़कर के 3,00,000 से ज्यादा हो गई है. अब यही सर्विस सेंटर प्रधानमंत्री मानधन योजना से जुड़ने वाले कामदार साथियों की सहायता करेंगे!


पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के उन तमाम परिवारों से आग्रह करूंगा कि अपने घर पर काम करने वाले लोगों को पीएम श्रम योगी मानधन योजना से जुड़ने में मदद कीजिए!


PM Narendra Modi in Gujarat : पीएम नरेंद्र मोदी अभी गुजरात के दौरे पर hai Gujrat के वस्त्रल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ कर 11,51,000 लाभार्थियों तक 13,58,31,918 रुपये की धनराशि सीधे पेंशन खातों में ट्रांसफर की!


माकपा नेता ने की पीएम मोदी माकपा नेता ने की पीएम मोदी की तारीफ, तो पार्टी ने दिखा दिया बाहर का रास्त 


माकपा के एक नेता को पीएम मोदी की तारीफ भारी पड़ी

मुंबई: माकपा के एक नेता को पीएम मोदी की तारीफ भारी पड़ गई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की कथित तौर पर तारीफ करने पर महाराष्ट्र से माकपा के एक नेता को पार्टी की केन्द्रीय समिति से निलंबित कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक माकपा के पूर्व विधायक नरसैया एडम ने सोलापुर जिले में एक आवास परियोजना को मंजूरी देने के लिए जनवरी में मोदी और फडणवीस की सराहना की थी और उन्हें धन्यवाद दिया था. एडम राज्य विधानसभा में इसी क्षेत्र से निर्वाचित हुये हैं. उन्होंने मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने के लिए कथित तौर पर शुभकामना भी दी थी!


पार्टी के एक पदाधिकारी ने मंगलवार को बताया, ‘ऐसी तारीफ पार्टी की नीति के खिलाफ hai ease में उन्हें तीन महीने के लिए पार्टी की केन्द्रीय समिति से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है'. केन्द्रीय समिति कम्युनिस्ट पार्टी की निर्णय लेने वाली एक प्रमुख समिति है. इस मामले पर एडम की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी!


दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को बताया 'दुर्घटना' तो वीके सिंह ने पूछा- राजीव गांधी की हत्या क्या थी?

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भारतीय वायुसेना (IAF) की पीओके के बालाकोट में एयर स्ट्राइक पर पीएम मोदी (PM Modi) पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कई ट्वीट किए थे.


केंद्रीय मंत्री वीके सिंह.

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नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh
पुलवामा हमले को 'दुर्घटना' बताए जाने के बाद वह निशाने पर आ गए हैं. केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने इस पर कहा, 'पूरे सम्मान के साथ मैं दिग्विजय सिंह से पूछना चाहता हूं, क्या राजीव गांधी की हत्या दुर्घटना थी, या आतंकवादी वारदात...?' बता दें, Bhartiye vayoo sena (IAF)
की पीओके के बालाकोट में एयर स्ट्राइक पर(PMModi)पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कई ट्वीट किए थे.

उन्होंने ट्वीट किया था, 'हमें हमारी सेना पर उनकी बहादुरी पर गर्व है व सम्पूर्ण विश्वास है. सेना में मैंने मेरे अनेकों परिचित और करीबी रिश्तेदारों को देखा है!


किस प्रकार वे अपने परिवारों को छोड़ कर हमारी सुरक्षा करते हैं. हम उनका सम्मान करते हैं. किन्तु पुलवामा दुर्घटना के बाद हमारी वायु सेना द्वारा की गई. 'Air Strike' के बाद कुछ विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी भारत सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है.'

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वीके सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'कांग्रेस को क्या हो गया है...? देश की जनभावना से एकदम उल्टी बात कर रहे हैं, सेना की जानकारी को झुठला रहे हैं... ऐसा किसी लोकतांत्रिक देश में नहीं होता, जहां सेना पर ही अविश्वास दर्शाया जाता हो👤

Agar apko ye post PM Narendra Modi in Gujarat||पुलवामा हमले को 'दुर्घटना' बताए जाने के बाद वह निशाने पर आ गए हैं. केंद्रीय मंत्री वीके सिंह  pasand aae to please zyada se zyada shear kare Allah hafiz dua me yaad rakhna next post me milte hai.

March 06, 2019

Imran khan||Life Documentary || इमरान खान का जीवन परिचय

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Imran khan||Life Documentary || इमरान खान का जीवन परिचय

Imran khan

अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्लाहि बरकातहू आनंद शख्सियत की बात करने वाले हैं वह किसी तारीफ की मोहताज नहीं वह जाने माने क्रिकेटर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान हैं आज हम उनके जीवन के बारे में कुछ खास बातें जानेंगे कि उनका जन्म कब और उन्होंने अपने जीवन में क्या-क्या किया और भी बहुत सारी बातें!


इमरान ख़ान नियाजी (उर्दू: عمران خان نیازی; जन्म 25 नवम्बर 1952) एक पाकिस्तानी राजनीतिज्ञतथा वर्तमान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेवानिवृत्त पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं। उन्होंने पाकिस्तानी आम चुनाव, २०१८ में बहुमत जीता। वह 2013 से 2018 तक पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य थे!

परिवार, शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन


इमरान ख़ान, शौकत ख़ानम और इकरमुल्लाह खान नियाज़ी की संतान हैं, जो लाहौर में एक सिविल इंजीनियर थे। ख़ान, जो अपने युवावस्था में एक शांत और शर्मीली लड़के थे, एक मध्यम वर्गीय परिवार में अपनी चार बहनों के साथ pale badhe panjab me बसे ख़ान के पिता, मियांवाली के पश्तून नियाज़ी शेरमनखेल जनजाति के वंशज थे। उनकी माता के परिवार में जावेद बुर्की और माजिद ख़ान जैसे सफल क्रिकेटर शामिल हैं।ख़ान ने लाहौर में ऐचीसन कॉलेज, कैथेड्रल स्कूल और इंग्लैंड में रॉयल ग्रामर स्कूल वर्सेस्टरमें शिक्षा ग्रहण की, जहां क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट था। 1972 में, उन्होंने केबल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र के अध्ययन के लिए दाखिला लिया, जहां उन्होंने राजनीति में दूसरी श्रेणी से और अर्थशास्त्र में तीसरी श्रेणी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

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16 मई, 1995 को, ख़ान ने अंग्रेज़ उच्च-वर्गीय, रईस जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ विवाह किया, जिसने पेरिसमें दो मिनट के इस्लामी समारोह में अपना धर्म परिवर्तन किया। एक महीने बाद, 21 जून को, उन्होंने फिर से इंग्लैंड में रिचमंड रजिस्टर कार्यालय में एक नागरिक समारोह में शादी की, उसके तुरंत बाद गोल्डस्मिथ के सरीमें स्थित घर पर स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।इस शादी से, जिसे ख़ान ने "कठिन" परिभाषित किया, सुलेमान ईसा (18 नवम्बर 1996 को जन्म) और कासिम (10 अप्रैल, 1999 को जन्म), 2 bete hue apni शादी के समझौते के अनुसार, ख़ान वर्ष के चार महीने इंग्लैंड में व्यतीत करते थे। 22 जून, 2004को यह घोषणा की गई कि ख़ान दंपत्ति ने तलाक़ ले लिया है, क्योंकि "जेमिमा के लिए पाकिस्तानी जीवन को अपनाना मुश्किल था।


ख़ान, अब बनी गाला, इस्लामाबाद में रहते हैं जहां उन्होंने अपने लंदन फ्लैट की बिक्री से प्राप्त धन से एक फ़ार्म-हाउस का निर्माण किया है। छुट्टियों के दौरान उनके पास आने वाले दोनों बेटों के लिए एक क्रिकेट मैदान का रख-रखाव करने के साथ-साथ, वे फलों के वृक्ष और गेहूं का उत्पादन भी करते हैं और गायों को पालते हैं।खबरों के अनुसार ख़ान, कथित रूप से उनकी नाजायज़ बेटी, टीरियन जेड ख़ान-व्हाइट के साथ भी नियमित संपर्क में रहते हैं, जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से कभी स्वीकार नहीं किया।



1982 में अपने कॅरियर की ऊंचाई पर तीस वर्षीय ख़ान ने जावेद मियांदाद से पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कप्तानी संभाली. इस नई भूमिका को याद करते हुए और उसकी शुरूआती परेशानियों की चर्चा करते हुए उन्होंने बाद में कहा, "जब मैं क्रिकेट टीम का कप्तान बना था, तो मैं इतना शर्मीला था कि सीधे टीम से बात नहीं कर सकता था। मुझे प्रबंधक से कहना पड़ता था, सुनिए क्या आप उनसे बात कर सकते हैं, यह बात है जो मैं उनसे व्यक्त करना चाहता हूं.


मेरे कहने का मतलब है कि मैं इतना शर्मीला और संकोची हुआ करता था कि शुरूआती टीम बैठकों में मैं टीम से बात नहीं कर पाता था। एक कप्तान के रूप में, ख़ान ने 48 टेस्ट मैच खेले, जिसमें से 14 पाकिस्तान ने जीते, 8 में हार गए और बाकी 26 बिना हार-जीत के समाप्त हो गए। उन्होंने 139 एक-दिवसीय मैच भी खेले, जिनमें से 77 में जीत, 57 में हार हासिल हुई और एक बराबर का खेल रहा।

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उनके नेतृत्व में टीम के दूसरे मैच में, ख़ान ने उन्हें अंग्रेज़ी धरती पर 28 साल में पहली टेस्ट विजय dilai ek कप्तान के रूप में ख़ान का प्रथम वर्ष, एक तेज़ गेंदबाज़ और एक ऑल राउंडर के रूप में उनकी उपलब्धि के शिखर पर था। उन्होंने अपने कॅरियर की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट गेंदबाजी लाहौर में श्रीलंका के खिलाफ़ 1981_82 में 58 रनों में 8 विकेट लेकर दर्ज की। 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ़ तीन टेस्ट श्रृंखला में 21 विकेट लेकर और बल्ले से औसत 56 बना कर गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी दोनों में सर्वश्रेष्ठ रहे। बाद में उसी वर्ष, एक बेहद मज़बूत भारतीयटीम के खिलाफ़ घरेलू सीरीज़ में छह टेस्ट मैचों में की औसत से 40 विकेट लेकर एक ज़बरदस्त अभिस्वीकृत प्रदर्शन किया।1982_83 में इस श्रृंखला के अंत तक, ख़ान ने कप्तान के रूप में एक वर्ष की अवधि में 13 टेस्ट मैचों में 88 विकेट लिए।


बहरहाल, भारत के खिलाफ़ यही टेस्ट सीरीज़, उनकी पिंडली में तनाव फ्रैक्चर का कारण बनी, जिसने उनको दो से अधिक वर्षों के लिए क्रिकेट से बाहर रखा।

बहरहाल, भारत के खिलाफ़ यही टेस्ट सीरीज़, उनकी पिंडली में तनाव फ्रैक्चर का कारण बनी, जिसने उनको दो से अधिक वर्षों के लिए क्रिकेट से बाहर रखा।


पाकिस्तानी सरकार द्वारा निधिबद्ध एक प्रयोगात्मक इलाज से 1984 के अंत तक उन्हें ठीक होने में मदद मिली और 1984_85 सीज़न के उत्तरार्द्ध में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने एक सफल वापसी की।

ख़ान ने 1987 me पाकिस्तान की भारत में पहली टेस्ट सीरीज़ जीत और उसके बाद उसी वर्ष इंग्लैंड में पाकिस्तान की पहली श्रृंखला जीत में पाकिस्तान का नेतृत्व किया।1980 के दशक के दौरान, उनकी टीम ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ़ तीन विश्वसनीय ड्रॉ दर्ज किये। 1987 में भारत और पाकिस्तान ने विश्व कप की सह-मेज़बानी की, लेकिन दोनों में से कोई भी सेमी-फ़ाइनल से ऊपर नहीं जा पाया। ख़ान ने विश्व कप के अंत में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।


1988 में, पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल जिया उल हक ने उन्हें दुबारा कप्तानी संभालने को कहा और 18 जनवरी को उन्होंने टीम में फिर से आने के निर्णय की घोषणा की। कप्तानी में लौटने के तुरंत बाद उन्होंने वेस्ट इंडीज में पाकिस्तान के एक विजयी दौरे का नेतृत्व किया, जिसके बारे में उन्होंने याद करते हुए कहा कि "वास्तव में मैंने पिछली बार अच्छी गेंदबाज़ी की."1988 में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ उनको मैन ऑफ़ द सीरीज़ घोषित किया गया, जब उन्होंने सीरीज़ में 3 टेस्ट मैचों में 23 विकेट लिए।

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एक कप्तान और एक क्रिकेटर के रूप में ख़ान के कॅरियर का उच्चतम स्तर तब आया, जब उन्होंने 1992 क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान की जीत का नेतृत्व किया। एक जल्दी टूटने वाले बल्लेबाज़ी पंक्ति में खेलते हुए, ख़ान ने खुद को शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ के रूप में जावेद मियांदाद के साथ खेलने के लिए पदोन्नत किया, लेकिन एक गेंदबाज़ के रूप में उनका योगदान कम रहा। 39 की उम्र में, ख़ान ने सभी पाकिस्तानी बल्लेबाजों में सबसे ज़्यादा रन बनाए और आखिरी विजय विकेट भी उन्होंने खुद ली। बहरहाल, पाकिस्तानी टीम की ओर से ख़ान द्वारा विश्व कप ट्रॉफी स्वीकार करने की आलोचना भी हुई।


यह बताया गया कि ख़ान का अपने स्वीकृति-भाषण में अपनी टीम और अपने देश का उल्लेख ना करने के निर्णय और उनके बजाय खुद पर और अपने आगामी कैंसर अस्पताल पर केंद्रित ध्यान ने कई नागरिकों को "नाराज़ और शर्मिंदा" किया। "इमरान के 'मैं' 'मुझे' और 'मेरा' भाषण ने हर किसी को दुखी किया," डेली नेशन अख़बार के एक संपादकीय में लिखा था, जिसने स्वीकृति भाषण को एक "कर्कश स्वर" का तमगा दिया।

राजनीतिक कार्य

Imran khan||Life Documentary || इमरान खान का जीवन परिचय
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एक क्रिकेटर के रूप में अपने पेशेवर कॅरियर के अंत के कुछ साल बाद, ख़ान ने यह स्वीकार करते हुए चुनावी राजनीति में प्रवेश किया कि उन्होंने इससे पहले चुनाव में कभी वोट नहीं डाला। तब से उनका सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्य, परवेज़ मुशर्रफ़ और आसिफ़ अली ज़रदारी जैसे सत्ताधारी नेताओं और उनकी अमेरिकी और ब्रिटिश विदेश नीति के विरोध के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करना रहा है। "पाकिस्तान में ख़ान की राजनीति को गंभीरता से नहीं लिया जाता है और सबसे उचित रूप में उसका मूल्यांकन, अधिकांश अख़बारों में एकल कॉलम की समाचार वस्तु के रूप में किया जाता है। रिपोर्ट और उनकी अपनी स्वीकारोक्ति के अनुसार, ख़ान के सबसे प्रमुख राजनीतिक समर्थक महिलाएं और युवा हैं।


 उनका राजनैतिक धावा, लेफ्टिनेंट जनरल हामिद गुल से प्रभावित है, पाकिस्तानी गुप्तचर विभाग के पूर्व प्रमुख, जो अफ़गानिस्तान में तालिबान के विस्तार को हवा देने और अपने पश्चिम-विरोधी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्द हैं। पाकिस्तान में उनके राजनैतिक कार्यों के प्रति प्रतिक्रिया को कुछ ऐसा माना गया है, "ख़ाने की मेज़ पर उनके नाम का ज़िक्र कीजिये और सबकी प्रतिक्रिया एक जैसी होती है: लोग अपनी आंखें घुमाते हैं, मंद-मंद मुस्काते हैं और उसके बाद एक दुखःद आह भरते हैं।"

25 अप्रैल, 1996 को ख़ान ने "न्याय, मानवता और आत्म-सम्मान" के प्रस्तावित नारे के साथ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) नामक अपनी स्वयं की राजनीतिक पार्टी की स्थापना की। 7 जिलों से चुनाव लड़ने वाले ख़ान और उनकी पार्टी के सदस्य, 1997 के आम चुनावों में सार्वभौमिक रूप से चुनाव में हार गए। ख़ान ने 1999 में जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के सैन्य तख्ता-पलट का समर्थन किया, लेकिन2002 के आम चुनावों से कुछ महीने पहले उनके राष्ट्रपति पद की भर्त्सना की। कई राजनीतिक आलोचकों और उनके विरोधियों ने ख़ान के विचार परिवर्तन को एक अवसरवादी क़दम क़रार दिया। "जनमत संग्रह का समर्थन करने का मुझे खेद है। मुझे यह समझाया गया था कि उनकी जीत पर प्रणाली से भ्रष्ट लोगों का safaya hoga lekin वास्तव में मामला ऐसा नहीं था", उन्होंने बाद में स्पष्टीकरण दिया।


2002 के चुनावी मौसम के दौरान उन्होंने पाकिस्तान द्वारा अमेरिकी सेना को अफ़गानिस्तान में सहाय-सहकार सम्बन्धी समर्थन के खिलाफ़ यह कहते हुए आवाज़ उठाई कि उनका देश "अमेरिका का ग़ुलाम" हो चुका है।20 अक्टूबर, 2002 विधायी चुनावों में PTI ने लोकप्रिय वोट का 0.8% और 272 खुली सीटों में से एक पर विजय हासिल की। ख़ान को, जो मियांवाली के NA-71 निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे, 16 नवंबर को एक सांसद के रूप में शपथ दिलाई गई। कार्यालय में एक बार आ जाने के बाद, ख़ान ने 2002 में प्रधानमंत्री पद के लिए मुशर्रफ़ की पसंद को दरकिनार करते हुए, तालिबान समर्थक इस्लामी उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। एक सांसद के रूप में, वह कश्मीर और लोक लेखा पर स्थायी समितियों के सदस्य थे और उन्होंने विदेश मंत्रालय, शिक्षा और न्याय में विधायी रुचि व्यक्त की।


6 मई, 2005 को ख़ान उन चंद मुस्लिमों में से एक बन गए, जिन्होंने 300 शब्द की न्यूज़वीक की कहानी की आलोचना की, जिसमें कथित तौर पर क्यूबा के ग्वांटनमो की खाड़ी में नौसैनिक अड्डे पर एक अमेरिकी सैन्य जेल में क़ुरान को अपवित्र किया गया। ख़ान ने लेख की निंदा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और मांग की कि जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ इस घटना के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डबल्यू. बुश से माफ़ी मंगवाएं.2006 में उन्होंने कहा, "मुशर्रफ़ यहां बैठे हैं और वह जॉर्ज बुश के जूते चाटते हैं!" बुश प्रशासन के समर्थक मुस्लिम नेताओं की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "वे मुस्लिम दुनिया पर बैठी कठपुतलियां हैं।

हम एक प्रभुसत्ता-संपन्न पाकिस्तान चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि राष्ट्रपति, जॉर्ज बुश का एक पूडल (गोद में रखने वाला छोटा कुत्ता) bane march 2006 में, जॉर्ज डब्ल्यू. बुश की पाकिस्तान यात्रा के दौरान, ख़ान को उनके विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की धमकी के बाद इस्लामाबाद में घर में नज़रबंद रखा गया। जून 2007 में संघीय संसदीय कार्य मंत्री डॉ॰ शेर अफ़गान ख़ान नियाज़ी और मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) पार्टी ने ख़ान के खिलाफ़ अनैतिकता के आधार पर राष्ट्रीय असेंबली के सदस्य के रूप में उनकी अनर्हता की मांग करते हुए, अलग-अलग अयोग्यता संदर्भ दायर kiye pakistani संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के आधार पर दर्ज दोनों ही संदर्भ, 5 सितंबर को खारिज कर दिये गए।


2 अक्टूबर, 2007 को ऑल पार्टीज़ डेमोक्रेटिक मूवमेंटके हिस्से के रूप में, ख़ान ने 85 अन्य सांसदों में शामिल होकर संसद से 6 अक्टूबर को निर्धारित राष्ट्रपति चुनाव के विरोध में इस्तीफ़ा दे दिया, जिसमें जनरल मुशर्रफ़ सेना प्रमुख के रूप में इस्तीफ़ा दिए बिना चुनाव लड़ रहे थे।3 नवंबर, 2007 को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ द्वारा पाकिस्तान में आपातकाल घोषित किये जाने के कुछ घंटों बाद, ख़ान को उनके पिता के घर में नज़रबंद कर दिया गया। आपातकालीन शासन लगाने के बाद ख़ान ने मुशर्रफ़ के लिए मृत्यु दंड की मांग की, जिसे उन्होंने "देशद्रोह" के समकक्ष रखा। अगले दिन, 4 नवंबर को, ख़ान भाग गए और भ्रमणशील आश्रय में छिप गए।अंततः 14 नवंबर को वे पंजाब विश्वविद्यालय में छात्रों के एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर आए। रैली में ख़ान को जमात-ए-इस्लामी राजनीतिक दल के छात्रों द्वारा दबोच लिया गया, जिन्होंने दावा किया कि ख़ान रैली में एक बिन बुलाए सरदर्द थे और उन्हें पुलिस को सौंप दिया, जिसने उनके ऊपर हथियार उठाने के लिए लोगों को भड़काने, नागरिक अवज्ञा का आह्वान करने और घृणा फैलाने के लिए कथित तौर पर आतंकवाद अधिनियम के अर्न्तगत दोषारोपण किया।


डेरा गाज़ी ख़ान जेल में बंद, ख़ान के रिश्तेदारों को उनके पास जाने की अनुमति थी और जेल में उनके एक सप्ताह के दौरान उन तक चीज़ें पहुंचाने में वे सक्षम थे।19 नवंबर को, PTI सदस्यों और अपने परिवार के माध्यम से यह ख़बर बाहर भेजी कि उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की है, पर डेरा गाज़ी ख़ान जेल के उप-अधीक्षक ने इस ख़बर का यह कहते हुए खंडन किया कि ख़ान ने नाश्ते में ब्रेड, अंडे और फल लिए। 21 नवंबर, 2007 को रिहा 3,000 राजनीतिक क़ैदियों में ख़ान भी एक थे।

18 फरवरी, 2008 को उनकी पार्टी ने राष्ट्रीय चुनावों का बहिष्कार किया और इसलिए, 2007 में ख़ान के इस्तीफ़े के बाद, PTI के किसी सदस्य ने संसद में कार्य नहीं किया। संसद के अब सदस्य ना होने के बावजूद, पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी द्वारा 15 मार्च 2009 को एक क़ानूनी कार्रवाई में ख़ान को सरकार-विरोधी प्रदर्शन के लिए घर में नज़रबंद रखा गया।

पुरस्कार और सम्मान


1992 में, ख़ान को[why?] पाकिस्तान के प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार, हिलाल-ए-इम्तियाज़ से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्होंने 1983 में राष्ट्रपति का प्राइड ऑफ़ परफार्मेंस पुरस्कार प्राप्त किया था। ख़ान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं और ऑक्सफोर्ड केबल कॉलेज के मानद सदस्य रहे हैं।7 दिसम्बर, 2005 को ख़ान ब्रैडफोर्ड विश्वविद्यालय के पांचवें कुलपति नियुक्त किये गए, जहां वे बॉर्न इन ब्रैडफोर्ड अनुसंधान परियोजना के संरक्षक भी हैं।

अंग्रेज़ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में प्रमुख ऑल-राउंडर होने के कारण ख़ान को 1980 और 1976 में द क्रिकेट सोसायटी वेदरऑल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1983 में उन्हें विसडेन क्रिकेटर ऑफ़ द इयर, 1985 में ससेक्स क्रिकेट सोसाइटी प्लेयर ऑफ़ द इयर और 1990 में भारतीय क्रिकेट वर्ष का क्रिकेटर घोषित किया गया।[17] ख़ान को वर्तमान में ESPN लेजेंड्स ऑफ़ क्रिकेट की सार्वकालिक सूची में 8वें स्थान पर रखा गया है। 5 जुलाई, 2008 को कराची में एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के उद्घाटन पुरस्कार समारोह में विशेष रजत जयंती पुरस्कार प्राप्त करने वाले कई दिग्गज एशियाई क्रिकेटरों में से ख़ान एक थे।


कई अंतर्राष्ट्रीय धर्मार्थ कार्यों के लिए एक सभापति के रूप में और पूरी भावना के साथ और व्यापक तौर पर निधि संचय की गतिविधियों में कार्य करने के लिए 8 जुलाई, 2004 को, लंदन में 2004 के एशियन जुएल अवार्ड में ख़ान को लाइफ़-टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।13 दिसम्बर, 2007 को पाकिस्तान में पहला कैंसर अस्पताल स्थापित करने में उनके प्रयासों के लिए ख़ान को कुवालालंपुर में एशियाई खेल पुरस्कारों के अर्न्तगत ह्युमेनिटेरियन अवार्ड से नवाज़ा गया।2009 में, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के शताब्दी उत्सव में ख़ान, उन पचपन क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्हें ICC हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया गया।

ख़ान द्वारा लेखन


ख़ान कभी-कभी क्रिकेट और पाकिस्तानी राजनीति पर ब्रिटेन के समाचार पत्रों के लिए संपादकीय विचारों का योगदान करते हैं। उन्होंने पांच कथेतर साहित्य भी प्रकाशित किए हैं, जिनमें पैट्रिक मर्फी के साथ सह-लिखित एक आत्मकथा भी शामिल है। 2008 में यह उद्घाटित किया गया कि ख़ान ने अपनी दूसरी पुस्तक, इंडस जर्नी: अ पर्सनल व्यू ऑफ़ पाकिस्तान नहीं लिखी है। इसके बजाय, क़िताब के प्रकाशक जेरेमी लुईस ने एक संस्मरण में यह रहस्योद्घाटन किया कि उन्हें ख़ान के लिए क़िताब लिखनी padi luis याद करते हैं कि जब उन्होंने ख़ान को प्रकाशनार्थ अपना लेखन दिखाने के लिए कहा, तो "उन्होंने मुझे एक चमड़े के कवरवाली नोटबुक या डायरी दी, जिसमें थोड़ा-बहुत संक्षेप में लिखे और आत्मकथात्मक अंश थे। मुझे, उसे पढ़ने में ज्यादा से ज्यादा पांच मिनट लगे; और जल्दी ही यह स्पष्ट हो गया कि हमें इतने के साथ ही आगे जाना होगा।


राजनीति में कदम


इमरान ने अप्रैल 1996 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी बनाकर राजनीति में कदम रखा। लेकिन पहले चुनाव में उनकी किस्मत अच्छी नहीं रही और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन ये शुरुआत थी, 2013 के चुनाव में इमरान की पार्टी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद की तस्वीर हम सभी के सामने है। आज 2018 के पाकिस्तान आम चुनाव में इमरान की पीटीआई सबसे बड़ी पार्टी है और वह वजीर-ए-आजम(प्रधानमंत्री) बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं।


निजी जिंदगी

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Iमरान खान अपने जवानी के दिनों से ही लड़कियों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। कई लड़कियों और अभिनेत्रियों के साथ उनके अफेयर की खबर उड़ती रही। जिनमें भारतीय अदाकारा जीनत अमान और पूर्व पाकिस्तानी पीएम बेनजीर भुट्टो का नाम भी शामिल है।

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इमरान ने पहली शादी 16 मई 1995 में जेमाइमा गोल्डस्मिथ से की, हालांकि 9 साल बाद आपसी मंजूरी से दोनों अलग हो गए। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी 2015 में ब्रिटिश-पाकिस्तानी पत्रकार रेहम खान से रचाई। लेकिन 10 महीने बाद ही दोनों ने तलाक ले लिया और फिर इसके बाद रेहम ने अपनी किताब में इमरान पर कई संगीन आरोप लगाए। इसके बाद इमरान ने अपनी तीसरी शादी 2018 में बुशरा मानेका से की और अभी तक उन्हीं के साथ जिंदगी जी रहे हैं।

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इमरान ने अपनी पढ़ाई वर्सेस्टर के एचिसन और ऑक्सफोर्ड के केबल कॉलेज से पूरी की। महज 13 साल की उम्र से इमरान ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान के लिए अपना डेब्यू 1971 में बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 18 साल की उम्र में किया। लगभग दो दशक तक क्रिकेट खेलने के दौरान unhone 1982_1992 तक पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कमान संभाली और 1992 में पाकिस्तान को पहला और इकलौता क्रिकेट वर्ल्डकप जिताया। इमरान पाकिस्तान के सबसे सफल क्रिकेटर्स में रहे और पाकिस्तान टीम को आक्रामक बनाने और जीतना सिखाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है।


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भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर से ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को खरी-खोटी सुनाई है

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Tuesday, 5 March 2019

March 05, 2019

Narendra Modi

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Narendra Modi

Pm Narendra Modi


Narendra ModiKuch Khaas Baatein jisse unke Naam Unka order Unki height UN ke Mata Pita ka naam aur Unki date of birth Sabhi kuch Jaaniye

नाम =नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
पद=प्राइम मिनिस्टर ऑफ़ इंडिया
हाइट=1.7 m
जन्म तारीख=17 सितम्बर 1950
पेरेंट्स=हीराबेन मोदी,  दामोदर दास मूलचंद मोदी

नरेंद्र मोदी भारत के 1 सफल प्रधानमंत्री हैं उन्होंने भारत में बहुत सारे थे काम के जो पिछले कई वर्षों से किसी ने नहीं किया उन्होंने भारत को एक उज्जवल भारत बनाने का सपना देखा घर घर में बिजली पानी और ज्ञात सुरेंद्र की सुविधा उपलब्ध कराई हाई उनके जीवन के बारे में कुछ खास बातें जानते हैं कि नरेंद्र मोदी कौन है और वह क्या करते हैं उनका जन्म कहां हुआ और उनके माता-पिता का क्या नाम है!

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नरेंद्र मोदी यानि नरेंद्र दामोदर दास मोदी। नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के महेसाना जिले के वडनगर ग्राम में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी माता का नाम हीराबेन मोदी और पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी था। नरेंद्र मोदी भारत के 15वें प्रधानमंत्री हैं। साल 2014 में 26 मई को उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के 15वें प्रधानमंत्री हैं और इस पद पर विराजमान वो आजाद भारत में जन्मी पहली शख्सियत हैं।



गुजरात/ मोदी मां से मिले, परिवार के साथ 30 मिनट बिताए; दो दिन में दो मंदिरों में दर्शन किए



मोदी ने अदलाज में अन्नपूर्णा देवी के दर्शन किए, सोमवार को धोलेश्वर महादेव मंदिर गए थे

प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे का आज दूसरा और आखिरी दिन

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अहमदाबाद. गुजरात दौरे के दूसरे दिन (मंगलवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अदलाज स्थित अन्नपूर्णा देवी के मंदिर में दर्शन किए। सोमवार को महाशिवरात्रि के मौके पर वे धोलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। शाम को वे मां हीरा बेन (99 साल) और परिजन से मिलने रायसन गांव पहुंचे। वे यहां करीब 30 मिनट रहे।

हीरा बेन प्रधानमंत्री के छोटे भाई पंकज मोदी के साथ गांधीनगर के पास स्थित रायसन गांव में ही रहती हैं। मां से मिलने से पहले मोदी ने साेमवार शाम अहमदाबाद में सभा की थी। यहां मेट्रो सेवा के पहले फेज का उद्घाटन किया था।

आज मोदी दो कार्यक्रमों में शामिल हुए


प्रधानमंत्री ने मंगलवार को गांधीनगर में शिक्षण भवन और विद्यार्थी भवन की नींव रखी। इस दौरान मोदी ने मंच पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत की। दूसरे कार्यक्रम में उन्होंने वस्त्राल में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पेंशन योजना लॉन्च की।

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एक नॉन मुस्लिम राजीव शर्मा ने किया कुरान शरीफ का मारवाड़ी तर्जुमा



इंदौर एयरपोर्ट पर मध्यप्रदेश के मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

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मोदी ने पहले दिन दो सभाएं की थीं


प्रधानमंत्री ने जामनगर और अहमदाबाद की जनसभाओं में वायुसेना की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे विपक्ष को जमकर खरी-खोटी सुनाई। मोदी ने जामनगर में कहा कि कांग्रेस को चुनाव से पहले ही किसानों की याद आती है और वे किसानों को मूर्ख बनाने के लिए कर्जमाफी के वादे करने लगते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा- विपक्ष के नेता ऐसे चेहरा लटकाए हुए हैं जैसे न जाने कौन सा दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो

मोदी ने कहा- देश के नेता यहां मोदी को गालियां देते हैं, वहां पाकिस्तान में इनके लिए तालियां बजती हैं

धार. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को धार में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष वायुसेना की कार्रवाई पर सवाल उठा कर उसका मनोबल कम कर रहा है। मोदी ने कहा, ''एयरस्ट्राइक पाक में हुई लेकिन इसका सदमा भारत में बैठे कुछ लोगों को लगा। विपक्ष के नेता उस दिन से इस तरह से चेहरा लटकाए हुए हैं जैसे न जाने कौन सा दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। ये ''



मोदी ने कहा, ''पहले मुझे 16 फरवरी को धार आना था, लेकिन पुलवामा में आतंकी हमले के कारण वो कार्यक्रम टल गया था। आज ऐसे समय आपके बीच आया हूं, जब उस हमले का हमारी वायुसेना ने आतंकियों के घर में घुसकर मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत ने अब आतंकियों और आतंक के सरपरस्तों को डंके की चोट पर कह दिया है कि अब उनके सामने सुधरने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। फिर भी नहीं सुधरेंगे तो क्या करेंगे, क्या होगा, ये भी बता दिया गया है।''

देश का दुर्भाग्य है यहां मौजूद कुछ लोग सेना पर सवाल उठा रहे'



प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी सेना के पराक्रम पर आपको गर्व है कि नहीं। आपको लगता है कि उन्होंने सही किया, पूरे देश को लगता है कि हमने सही किया। सारी दुनिया ने कह दिया कि हिंदुस्तान के सामने यही रास्ता था। ''हमारे देश का दुर्भाग्य है कि यहां कुछ ऐसे लोग हैं, जिनको ऐसा नहीं लगता है। सबसे लंबे समय तक देश में शासन किया, जिस पार्टी के नेताओं ने हमारी पराक्रमी सेना के हाथ बांधकर रखे थे, उसके नेता अब हमारे वीर जवानों के सामर्थ्य पर सवाल उठा रहे हैं।''

''भारत में महामिलावट करने वाले लोग अब अंतरराष्ट्रीय महामिलावट करने में लगे हैं। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए पाक के साथ मिलकर ऐसा कर रहे हैं। यहां ये लोग मोदी को गाली देते हैं और पाकिस्तान में इनके लिए तालियां बजती हैं। आजकल ये महामिलावटी लोग पाकिस्तान के पोस्टर ब्वॉय भी बन गए हैं।''

मोदी ने कहा- दिग्विजय का नाम लिए बिना साधा निशाना



मोदी ने कहा, ''मध्यप्रदेश के एक नेता जरा और आगे नजर आते हैं। साथियों आज सुबह ही इन महाशय ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले को दुर्घटना करार दिया है। ये ऐसे ही नहीं बोले हैं, ये इनकी मानसिकता है और ये इनकी रगों में पड़ा हुआ है। ''आतंकियों को बचाने, उनका पक्ष लेने के लिए ये उनके हमले को हादसा बता रहे हैं। क्या पुलवामा में जो हुआ, वह हादसा था? उनके राक्षसी कृत्य की गंभीरता को कम करने की कोशिश है कि नहीं। ये नामदार परिवार के खास सिपहसलार हैं, जिन्हें आतंक को बढ़ावा देने वाले शांतिदूत नजर आने लगे हैं। इन्हें ओसामा बिन लादेन शांतिदूत लगता था। मुंबई हमले में इन्होंने ही पाक को क्लीन चिट दी थी और जांच की दिशा को भटकाने का काम किया था।''


लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मालवा भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। धार लोकसभा में आठ विधानसभा सीटें हैं। इनमें से सात कांग्रेस के पास हैं। जबकि 2013 के विधानसभा में यहां की पांच सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। नवंबर-दिसंबर में हुए विधानसभा चुनावों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भाजपा को सबसे कम सीटें धार जिले से ही मिली थीं।



रतलाम, झाबुआ सहित आसपास के जिलों के भाजपा कार्यकर्ता सभा में शामिल होंगे।




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